Skip to main content

फिल्में, सेलेबि्रटीज और गाने भारतीयों की पहली पसंद : गूगल ज़ाइगाइस्ट 2013 में हुआ खुलासा


• बालीवुड कलाकारों और टीवी हिटस ने ज़ाइगाइस्ट का ध्यान आकर्षित किया
• इस वर्ष मोबाइल गेमिंग और र्इ-कामर्स वेबसाइटों की लोकप्रियता बढ़ी

रांची -, 20 दिसंबर, 2013 : गूगल इंडिया ने आज अपने वार्षिक वर्ष-समापित ज़ाइगाइस्ट 2013 की घोषणा की है। यह वेब पर दुनिया की सामूहिक नजरों के जरिए वर्ष 2013 का परिदृश्य उपलब्ध कराती है। ज़ाइगाइस्ट भारत में संचालित गूगल सर्च के आधार पर वर्ष के बड़े कार्यक्रमों और नवीनतम चलन पर अनोखे परिदृश्य की पेषकष करता है। वार्षिक वर्ष-समापित जेटजीस्ट में हम पूरे वर्ष दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचने वाले लोगों, स्थानों और पलों को परिलक्षित करते हैं।

इस साल, हमारे ट्रेंड चार्ट में बालीवुड गाने और इंडियन प्रीमियर लीग षीर्ष पर रहे हैं। इससे पता चलता है कि हमेषा की तरह भारतीयों का पहला प्यार कलाकारों, फिल्मों और गानों पर केनिद्रत है।

बालीवुड की सुपरहिट फिल्म चेन्नर्इ एक्सप्रेस इस वर्ष ज़ाइगाइस्ट चार्ट में पहले पायदान पर है। फिल्म ने देशभर में खासी लोकप्रियता बटोरी है। साल 2013 में इंडियन प्रीमियर लीग ने ताजा स्कोर और परिणामों के लिए आनलाइन सर्च के मामले में सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। इसके अतिरिक्त, आशिकी 2, कृष 3 और रामलीला जैसी सफल फिल्मों के लिए भी इंटरनेट पर सबसे ज्यादा सर्च किया गया है। हालांकि, पिछले वर्ष की जेटजीस्ट चार्ट से यह परिणाम काफी भिन्न हैं। गत वर्ष लोगों ने खरीदारी और टिकट बुक कराने जैसे निजी जरूरतों की जानकारी से संबंधित उपयोगी सर्च पर जोर दिया था।

इस वर्ष मोबाइल पर घरेलू मनोरंजन के सर्च की भी लोकप्रियता में वृद्धि हुर्इ है। मोबाइल पर तीन शीर्ष सर्च में रेस्टोरेंट, बार्स और मूवीज शामिल हैं। इसके अलावा लोगों ने काफी, क्रिकेट स्कोर और फास्ट फूड पर भी काफी सर्च किया है।

वर्ष 2013 के दौरान र्इ-कामर्स वेबसाइट की सर्च में जोरदार बढ़ोतरी देखी गर्इ। फिलपकार्ट सबसे ज्यादा सर्च की गर्इ आनलाइन शापिंग वेबसाइट के चार्ट में षीर्ष पर रहे। पहली बार गेमिंग सबसे लोकप्रिय वर्ग के तौर पर उभरकर सामने आया है। कर्इ लोगों ने आनलाइन गेम्स के लिए इंटरनेट पर सर्च किया।
राजन आनंदन, वीपी एवं प्रबंध निदेषक, विक्रय एवं परिचालन, गूगल इंडिया ने कहा, ''सर्च ट्रेंड परिदृष्य से देखें तो वर्ष 2013 स्पष्ट रूप से मनोरंजन का वर्ष रहा है। वर्ष 2013 की सर्च लिस्ट में चेन्नर्इ एक्सप्रेस से षाहरुख खान का लुगी डांस, बालीवुड रोमांटिक ड्रामा आषिकी 2, सलमान खान और कैटरीना कैफ, तेलुगू अभिनेता काजल और उनके समकक्ष, युवा स्टार प्रभास एवं गायक हनी सिंह का दबदबा रहा और इन्होंने लाखों भारतीयों को वेब की ओर आकर्षित किया।

Comments

Popular posts from this blog

क्‍या अदाकारी है, आप भी देंखे

आज सुबह मेरे मेल पर मेर‍े एक दोस्‍त ने एक तस्‍वीर भेजी, जो आप सभी के साथ शेयर कर रहा हूं, यह तस्‍वीर उन्‍होंने खुद बनाई है. आप सभी देखने वाले से निवेदन है कि आप इस तस्‍वीर पर अपनी टिप्‍पणी जरूर भेंजे इससे उस कलाकार का हौंसला बढेगा. धन्‍यवाद

हमसे कुछ नहीं होगा हम गुलाम पत्रकार हैं

अभिषेक पोद्दार हमेशा की तरह कल रात अपने अखबार के कार्यालय से काम निपटाकर अपने घर गया, जहां हम सभी रूममेट बैठकर रोज की तरह किसी मुद्दे पर बहस कर रहे थे, अचानक मैंने अपने एक साथी से पूछा यार फ्रीलांस रिपोर्टर को हिंदी में क्‍या कहेंगे उसने कहां स्‍वतंत्र पत्रकार, तभी तपाक से मेरे मुंह से निकल गया तो हम गुलाम पत्रकार हैं. उसने भी भरे मन से हामी भर दी. फिर क्‍या था हमसब इसी मुद्दे पर चर्चा करने लगे. दो दिनों पहले बोलहल्‍ला पर पत्रकारिता के बारे में मैंने जो भडास निकाली थी उसका कारण समझ में आने लगा. आज हकीकत तो यह है कि हम जिस मीडिया घराने से जुड जाते हैं उसके लिए एक गुलाम की भांति काम करने लगते हैं, हम अपनी सोच, अपने विचार और अपनी जिम्‍मेवारियों को उस मीडिया घराने के पास गिरवी रख देते हैं और सामने वाला व्‍यक्ति हमें रोबोट की तरह इस्‍तेमाल करने लगता है, हम उसकी धुन पर कठपुतलियों की तरह नाचना शुरू कर देते हैं. किसी को जलकर मरते देखकर हमारा दिल नहीं पसीजता, किसी की समस्‍याओं में हमें अपनी टॉप स्‍टोरी व ब्रे‍किंग न्‍यूज नजर आती है, सच कहें तो शायद हमारी संवेदना ही मर चुकी हैं. शायद आज पूरी की...

फिर फंसी मेरठ में दूसरी गुडिया

चौदह साल के बाद लौट आने वाले आबिद की अपनी बीवी शबाना को पाने की जद्दोजहद अब दोनों पक्षों की पंचायतों में उलझ गई है। जहां कुलंजन गांव की पंचायत इस मामले को लेकर पूरी तरह आबिद के पक्ष में खड़ी है, वहीं लावड़ की पंचायत ने ऐलान कर दिया है कि शबाना को किसी भी हाल में आबिद को नहीं सौंपा जाएगा। इस मामले में एक गंभीर मोड़ आबिद की सास अकबरी के हालिया बयान के बाद आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आबिद ने शबाना का न केवल शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न किया बल्कि उसे गलत धंधे में भी धकेलने की कोशिश की। अकबरी का कहना है कि आबिद के ज़ुल्म से तंग आकर शबाना अपने बच्चे को लेकर मायके आ गई थी लेकिन आबिद उसके पीछे पीछे चला आया और उसने गांव के लोगों के सामने ही शबाना को पीटा। गांव वालों के विरोध करने पर आबिद ने शबाना को तलाक दे दिया। इसके बाद कई सालों के लिए वह गायब हो गया। अकबरी ने कहा कि चूंकि आबिद शबाना को तलाक देने के बाद लापता हुआ था इसलिए इद्दत की रस्म के बाद छह साल पहले शबाना का निकाह मुज़फ्फरपुर के खालापार निवासी अबरार से कर दिया गया। आबिद के लौट आने के बाद अकबरी के गांव की पंचायत में शबाना के दूसरे ...