Skip to main content

रहनुमाओ की नज़र से दूर है पलामू

संजय पाण्डेय
झारखण्ड बने ६ साल से भी ज्यादा हो गए, लेकिन पलाश के जंगल में बसा पलामू की कराह का एहसाश किसी को भी नही है कि यहाँ के लोगो के समक्ष भूखमरी की स्थिति है। जिले में भोजन, बिजली, पानी व अन्य सभी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। इस जिले में विकास के नाम पर कुछ भी नही हुआ है. नक्सल गतिविधिया भी चरम पर है. राज्य गठन के बाद राज्य में जो भी सरकार बनी, उसने पलामू को उपेक्षित करने में कोई कसर नही छोडी। सरकार में शामिल मंत्री कमलेश सिंह ने भी पलामू को उपेक्षित रखा। वही दूसरी और यहाँ के मंत्रियो ने शिलापट पर सिर्फ अपने नाम लिखवाने में ही अपनी उपलब्धि समझी। अलबत्ता कमलेश सिंह अपने क्षेत्र में करोडो खर्च करने का दंभ भरते है, परन्तु यह धरातल पर नही बल्कि फायलों में ही दिखती है। हालाकि कुछ काम मंत्री जी ने जरुर कराया है लेकिन उनमे कई खामिया नज़र आयी। इस मामले में मंत्रियो ने विरोधियो की साजिश की बात कहकर अपना बचाव कर रहे है। खुद मुख्यमंत्री जी ने भी कई करोडो रूपये की योजनाओं का शिलान्यास किया फिर भी कई काम अधूरे है। पलामू के पाकी विधानसभा क्षेत्र के कई इलाको में नक्सली सक्रिय है इस इलाके में सरकारी राशी की लुट जबरदस्त है। इस इलाके में मोनिटरिंग नही है, यहा ठेकेदार करोड़पति बन गए है और जनता रहनुमाओ से रहम की आस लगाए बैठे है पर पलामू में बिचोलियो के लुट का खेल जारी रहते शायद उन्हें रहम नही मिलने वाली।

Comments

Popular posts from this blog

एनडीए के साथ जाना नीतीश का सकारात्मक फैसला : श्वेता सिंह (एंकर, आजतक )

Shweta during coverage बिहार की वर्तमान राजनिति पर नयी नज़र के साथ जानी-मानी आजतक पत्रकार बिहारी श्वेता सिंह से   खास बातचीत  पटना : बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस्तीफा देने के बाद गुरुवार को सुबह दोबारा एनडीए के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर लिया. इस बीच राजधानी पटना में राजनैतिक चर्चाओं का बाजार उफान पर रहा. गुरुवार को अहले सुबह से ही तमाम मीडियाकर्मी राजभवन के बाहर शपथ ग्रहण को कवरेज करने के लिए मौजूद थे. इस इवेंट को कवरेज करने के लिए आजतक टीवी की जानी-मानी पत्रकार श्वेता सिंह भी विशेष रूप से पटना पहुंची थीं. श्वेता स्वयं एक  बिहारी हैं और बिहार के वैशाली जिले के महुआ से आतीं हैं. श्वेता लोगों से इस राजनैतिक घमासा न पर जमकर सवाल पूछतीं नज़र आईं. इस दौरान नयी नज़र के ब्लॉगर कुमार विवेक ने बिहार के बदलते घटनाक्रम पर श्वेता सिंह से बातचीत की, इसके मुख्य अंश हम आपसे साझा कर रहे है. ___ सवाल : श्वेता, देश की जानी-मानी पत्रकार होने के नाते बिहार के इस वर्त्तमान राजनैतिक घटनाक्रम को किस रूप में देखती हैं? जवाब : देखिये, एक पत्रका...

निजता का अधिकार : अपने ही बुने जाल में फँस गयी सरकार !

 - कुमार विवेक  साल था २०१५, सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच के सामने एक बहस चल रही थी. मामला था ज्यादातर सरकारी योजनाओं के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य बनाये जाने का.  आधार को कानूनी तौर पर लागू करने की कोशिश कर रही भारत सरकार के वकीलों ने कोर्ट में यह तर्क दिया कि , "हो सकता है कि आधार लोगों की निजता में दखल देता हो, पर क्या निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है? इस तर्क के साथ निजता के अधिकार की मौलिकता पर ही सवाल खड़े कर दिए गए.  तीन जजों की पीठ ने वकीलों की दलील  मान ली और इस मामले को फैसला देने केलिए संवैधानिक पीठ के हवाले कर दिया.  इस संवैधानिक पीठ में मुख्य न्यायाधीश जे.एस. खेहर, जस्टिस जे. चेलमेश्वर, जस्टिस एस.ए. बोबडे, जस्टिस आर.के. अग्रवाल, जस्टिस आर.एफ़. नरीमन, जस्टिस ए.एम. सप्रे, जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस एसके कौल और जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर शामिल थे. इसी संवैधानिक पीठ ने सर्वसम्मति से एक ऐतिहासिक फैसला देते हुए अब यह मान लिया है कि निजता का अधिकार एक मौलिक है. सुप्रीम कोर्ट ने व्यक्ति कि  निजता को संविधान के अनुच्छेद ...

बिहार बाढ़ : ७५ गावों तक सेना पहुंची, हज़ारों लोगों को बचाया

बिहार में बाढ़ से बुरी तरह से प्रभावित मधुबनी,सीतामढ़ी,गोपालगंज और मुजफ्फरपुर जिलो में नागरिक प्रशासन के अनुरोध पर सेना को बचाव और राहत अभियान के लिए तैनात किया गया है। सेना के जवान दूर-दराज के इलाको में बाढ़ में फंसे नागरिको को बचाने के साथ-साथ राहत सामग्री प्रदान करने के कार्य में लगातार जुटे हैं।   अंतिम समाचार मिलने तक सेना के जवान 75 गांवो तक पहुंचने में सफल रहे और उन्होंने एक हजार से अधिक लोगो को सुरक्षित बचाया। इसके साथ-साथ सेना ने इन क्षेत्रो में खाद्य और बचाव तथा राहत सामग्री का वितरण भी किया है। बचाव दल के साथ तैनात सेना के स्वास्थ्य दल ने दवा वितरण,आपातकालीन स्वास्थ्य सहायता के साथ-साथ कई लोगो का अमूल्य जीवन बचाया है। सेना द्वारा बचाए गए लोगो में गर्भवती महिलाएं भी सम्मिलित हैं। -- Kumar Vivek Journalist 9523745572