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सहवाग नहीं सौ बाघ

सरोज तिवारी
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्‍ट के तीसरे दिन भारतीय बल्‍लेबाज खुलकर खेले. आज सुबह जब बीरू बल्‍लेबाजी के लिए उतरे तो शायद उन्‍हें भी यह अंदेशा नहीं था कि उनका बल्‍ला चौके और छक्‍के के रूप में आग उगलेगा. लेकिन बल्‍लेबाजी करते हुए वे जल्‍द ही लय, लाइन में आ गये. इसके बाद शुरू हुई उनकी ताबडतोड बल्‍लेबाजी. उनके बल्‍ले से अधिकांश बांउडी ही निकल रहा था. लंबे हाथ दिखाते हुए उन्‍होंने छक्‍के भी लगाये. आज चिदंबरम में बने कई रिकॉर्ड भी सहवाग के नाम रहा हालांकि मेहमान दक्षिण अफ्रीका की टीम ने भी कल रिकॉर्डों की बौछार कर दी थी, लेकिन इन सभी रिकॉर्डों में सहवाग का रिकॉर्ड भारी पड गया. उन्‍होंने आज अविजित नाबाद 309 रन बनाये. आज उन्‍होंने 75 साल पुराना विश्‍व रिकॉर्ड तोड दिया. सहवाग ने सिर्फ 278 गेंद पर 300 रन पूरा किया. अब तक यह रिकॉर्ड इंग्‍लैंड के वाल्‍टर हैमंड के नाम था. उन्‍होंने 1932-33 में न्‍यूजीलैंड के खिलाफ अपना तिहरा शतक 355 गेंदों में पूरा किया था. 2003 में ऑस्‍ट्रेलिया के मैथ्‍यु हैडन भी यह कीर्तिमान भंग करने से चूक गये थे. उन्‍होंने कुल 41 चौके और पांच छक्‍के लगाये. टेस्‍ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक मारने वाले सहवाग क्रिकेट इतिहास के तीसरे बल्‍लेबाज हैं. सहवाग ने आज अपना दोहरा शतक 194 गेंदों में बनाया. यह क्रिकेट इतिहास में तीसरा सबसे तेज दोहरा शतक है. वीरेंद्र सहवाग ने सिर्फ 75 साल पुराना विश्‍व रिकॉर्ड ही नहीं तोडा बल्कि मुल्‍तान में बनाये गये अपने तिहरे शतक की सालगि‍राह भी मनाई उन्‍होंने अपने 2004-05 के पाक दौरे के दौरान 28 मार्च को ही उन्‍होंने मुल्‍तान में तीसरा शतक बनाया था. इस दूसरी बार तिहरा शतक बनाने के बाद टेस्‍ट क्रिकेट में ब्रायन लारा, वेस्‍टइंडीज व सर डॉन ब्रैडमेन, ऑस्‍ट्रेलिया ही हैं जो यह कर सके हैं. वहीं टेस्‍ट क्रिकेट में एक दिन में सबसे अधिक रन बनाने वाले वल पहले भारतीय बल्‍लेबाज बने. हालांकि यह रिकॉर्ड भी पहले उन्‍हीं के नाम था, जो उन्‍होंने पाक के खिलाफ 2004-05 में मुल्‍तान में बनाया था. साथ ही भारत की ओर से तिहरा शतक बनाने वाले सहवाग ही एकमात्र भारतीय हैं.

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